“Cockroach Janta Party: मज़ाक नहीं, युवाओं की चीख है”
देश बदलने की ताकत किसी संसद भवन में नहीं, बल्कि उस युवा के भीतर होती है… जो सवाल पूछने की हिम्मत रखता है। आज पूरे देश में “Cockroach Janta Party” नाम गूंज रहा है। कुछ लोग इसका मज़ाक उड़ा रहे हैं, तो कुछ लोग इसे देश के युवाओं की बगावत का नाम दे रहे हैं। लेकिन एक सवाल हर किसी के मन में उठ रहा है — आख़िर ऐसा क्या हुआ कि देश का युवा खुद को “cockroach” कहलाने पर मजबूर हो गया? डॉ. A. P. J. Abdul Kalam कहा करते थे — “देश की असली ताकत उसके युवा होते हैं।” उन्हें विश्वास था कि इक्कीसवीं सदी भारत की होगी… लेकिन शायद उन्होंने ये नहीं सोचा होगा कि एक दिन वही युवा बेरोज़गारी, महंगाई, टूटी हुई व्यवस्था और खोखले वादों के बीच अपने अस्तित्व के लिए लड़ रहा होगा। आज देश का युवा डिग्रियां लेकर सड़कों पर घूम रहा है। किसी के हाथ में रोजगार नहीं, किसी के सपनों में स्थिरता नहीं… और ऊपर से राजनीति ने उसे सिर्फ भीड़ बनाकर रख दिया है। कभी धर्म के नाम पर, कभी जाति के नाम पर, तो कभी पार्टी के झंडों के पीछे। सवाल ये नहीं कि गलती किसकी है… सवाल ये है कि क्या हम सब इसके जिम्मेदार नहीं हैं? हमने नेताओं को भगवान बनाया,...